उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. अजय पाल सिंह एम.एससी. एम.फिल. (वनस्पति विज्ञान), एम.एड., पीएच.डी. (शिक्षा) प्रिंसिपल, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, शूड्डा, गढ़ रोड, मेरठ Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i6.16

Keywords:

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उच्च शिक्षा, शिक्षण-अधिगम, व्यक्तिगत अधिगम, शैक्षिक अनुसंधान, डिजिटल शिक्षा, शैक्षणिक नैतिकता।

Abstract

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence—AI) उच्च शिक्षा में शिक्षण-अधिगम, अनुसंधान, मूल्यांकन तथा संस्थागत प्रशासन की प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के रूप में उभरी है। बुद्धिमान शिक्षण प्रणालियाँ, अनुकूली अधिगम, जनरेटिव AI, स्वचालित मूल्यांकन तथा अधिगम विश्लेषिकी नई शैक्षिक संभावनाएँ प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य उच्च शिक्षा में AI की भूमिका, उपयोगिता, सीमाओं, नैतिक चुनौतियों तथा भारतीय संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता का विश्लेषण करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक साहित्य-समीक्षा पद्धति अपनाई गई है। उपलब्ध शोध-साहित्य से संकेत मिलता है कि AI व्यक्तिगत अधिगम, शोध-सहायता, त्वरित प्रतिपुष्टि और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की क्षमता रखती है। तथापि शैक्षणिक ईमानदारी, एल्गोरिद्मिक पक्षपात, डेटा गोपनीयता, डिजिटल असमानता तथा तकनीकी निर्भरता इसके उत्तरदायी उपयोग को आवश्यक बनाती हैं। अध्ययन का निष्कर्ष है कि मानव-केंद्रित दृष्टिकोण, शिक्षक प्रशिक्षण, संस्थागत नीतियों और नैतिक निगरानी के साथ AI उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता तथा नवाचार को सुदृढ़ कर सकती है।

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Published

2026-10-26

How to Cite

उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. (2026). THE PARADIGM CHRONICLE JOURNAL OF ACADEMIC INQUIRY & CRITICAL THOUGHT, 1(6), 163-169. https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i6.16