कन्नौज जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के अंतर्संबंधों का भौगोलिक विश्लेषण
DOI:
https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i3.03Keywords:
महिला साक्षरता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक-आर्थिक विकास, ग्रामीण महिला, आर्थिक सहभागिता, भौगोलिक विश्लेषण, कन्नौज।Abstract
महिला साक्षरता किसी भी समाज के सामाजिक, आर्थिक और मानवीय विकास का एक महत्त्वपूर्ण आधार है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला शिक्षा का प्रभाव केवल व्यक्तिगत ज्ञान और शैक्षिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक प्रतिष्ठा, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, पारिवारिक निर्णयों में सहभागिता, राजनीतिक चेतना तथा संसाधनों तक पहुँच को भी प्रभावित करता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के मध्य विद्यमान अंतर्संबंधों का भौगोलिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करना है। अध्ययन में महिला साक्षरता को केवल पढ़ने-लिखने की क्षमता के रूप में न देखकर सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण के प्रमुख माध्यम के रूप में समझने का प्रयास किया गया है। अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है तथा इसमें जनगणना अभिलेखों, जिला जनगणना पुस्तिका, सरकारी प्रतिवेदनों और संबंधित शोध साहित्य का उपयोग किया गया है। विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि महिला साक्षरता में वृद्धि महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनुकूल आधार तैयार करती है, किंतु साक्षरता का वास्तविक लाभ तभी व्यापक सशक्तिकरण में परिवर्तित होता है जब महिलाओं को कौशल, रोजगार, वित्तीय संसाधन, डिजिटल सुविधाएँ, सामाजिक स्वतंत्रता तथा निर्णय-निर्माण में प्रभावी सहभागिता के अवसर भी उपलब्ध हों। कन्नौज जैसे ग्रामीण प्रधान जनपद में महिला साक्षरता और सशक्तिकरण के स्तर में पाई जाने वाली क्षेत्रीय भिन्नताओं को शिक्षा, आर्थिक अवसरों, सामाजिक संरचना तथा आधारभूत सुविधाओं के असमान वितरण के संदर्भ में समझना आवश्यक है।