चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति और भारत की समुद्री विदेश नीति: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • साध्वी सिंह शोधार्थी, राजनीति शास्त्र विभाग, माँ पटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर, (उ.प्र.) Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i1.04

Keywords:

स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’, द्विपक्षीय रिश्तों, आर्थिक संबंध, भौगोलिक समीपता ।

Abstract

यह शोध पत्र चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति और भारत की समुद्री विदेश नीति का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में चीन द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में बंदरगाहों, समुद्री मार्गों और सामरिक ढाँचों के विस्तार को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिए चुनौती बताया गया है। इसके प्रत्युत्तर में भारत की समुद्री सुरक्षा, कूटनीतिक सहयोग, बहुपक्षीय संबंधों तथा नौसैनिक आधुनिकीकरण की नीतियों का विवेचन किया गया है। शोध में सुरक्षा, आर्थिक, व्यापारिक और कूटनीतिक आयामों का विश्लेषण करते हुए यह निष्कर्ष निकाला गया है कि क्षेत्रीय स्थिरता हेतु प्रतिस्पर्धा और सहयोग के बीच संतुलित रणनीति अपनाना दोनों देशों के लिए आवश्यक है।

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Published

2026-05-16

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How to Cite

चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति और भारत की समुद्री विदेश नीति: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. (2026). THE PARADIGM CHRONICLE JOURNAL OF ACADEMIC INQUIRY & CRITICAL THOUGHT, 1(01), 28-33. https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i1.04