आधुनिक विश्व के परिप्रेक्ष्य में बर्ट्रेंड रसेल के सामाजिक दर्शन का योगदान
DOI:
https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i3.04Keywords:
जीवन दर्शन, धार्मिक हठधर्मिता, नस्लीय सुधार, राजनीतिक महत्ता, आर्थिक संरचना, यौन नैतिकता, नागरिक एवं व्यक्तिगत नैतिकता।Abstract
दर्शन का मुख्य उद्देश्य वस्तुओं को समग्र रूप में देखना है। दर्शन का आशय उद्देश्यपूर्ण और व्यवस्थित होना है। दर्शन वस्तुतः हमारे सीमित अनुभव जगत में विशेष घटनाओं की व्याख्या करने का प्रयास करता है जो ब्रह्मांड को एकीकृत भी करता है। सामाजिक दर्शन मानव जाति की सामाजिक एकता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है और एकता के संदर्भ में मानव जीवन के विशेष पहलुओं के महत्व की व्याख्या करना चाहता है। यह मूल्यों और आदर्शों का अध्ययन करना चाहता है तथा अपने तथ्यों को अन्य विज्ञानों से लेता है और उनकी व्याख्या करने के साथ ही उनका आलोचनात्मक मूल्यांकन करने का प्रयास भी करता है। सामाजिक दर्शन मानव जाति की सामाजिक एकता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है और एकता के संदर्भ में मानव जीवन के विशेष पहलुओं के महत्व की व्याख्या भी प्रस्तुत करता है। सामाजिक दर्शन हमारे सामने सुखी जीवन के पदार्थ के रूप में मानव क्षमता की सामंजस्यपूर्ण पूर्ति की अवधारणा प्रस्तुत करता है। सामाजिक दर्शन अनुभव से असंबद्ध अमूर्त सिद्धांतों की स्पष्ट व्याख्या ही नहीं प्रस्तुत करता है, वरन् केवल उन्हीं सिद्धांतों को मानता है जिनकी जड़ें हमारे अनुभवों में निहित हैं। किसी भी दार्शनिक की मूल्य प्रणाली में जो भी संगठन और आत्म-स्थिरता पाई जाती है वह समाज द्वारा स्वीकृत मूल्य से ही प्राप्त होती है तथा प्रेरणा के रूप में कार्य करती है। पाश्चात्य यथार्थवादी दार्शनिकों में बर्ट्रेंड रसेल ने विश्व के एक आदर्श नागरिक के निर्माण हेतु मानवीय मूल्यों के साथ ही एक व्यावहारिक व्यक्तित्व का सृजन करने की चेष्टा की है। उनके सामाजिक दर्शन में जीवन की व्यावहारिक समस्याएँ उनके विचारों में निहित हैं। रसेल के अमूर्त विचारों की दुनिया के सभी जटिल सिद्धांत अनुभव पर आधारित हैं तथा प्रारंभ से ही बर्ट्रेंड रसेल का प्रमुख मूल्य ‘स्वतंत्रता’ रहा है। उनकी लगभग सभी सामाजिक नीतियाँ इसी से जन्मी हैं और व्यक्तिगत व्यक्तित्व विकास के लिए ‘स्वतंत्रता’ में उनके अत्यधिक विश्वास के संदर्भ में व्याख्या की जा सकती है। प्रस्तुत शोध आलेख में शोधकर्त्री ने बर्ट्रेंड रसेल के सामाजिक दर्शन के अंतर्गत वर्णित अनेक सिद्धांतों की विवेचना एवं विश्लेषण प्रस्तुत किया है। शोधकर्त्री को आशा ही नहीं वरन् पूर्ण विश्वास है कि प्रस्तुत शोध आलेख आधुनिक विश्व के उत्तम नागरिकों के निर्माण के पथ पर अग्रसर युवाओं हेतु मील का पत्थर साबित होगा।