मध्यप्रदेश के पंचमढ़ी जैव अभ्यारण्य में स्थानीय लोगों द्वारा वृक्षों का उपयोग

Authors

  • डा. सरला शुक्ला सहायक आचार्य, भूगोल विभाग, का0 सु0 साकेत पी0 जी0 कालेज, अयोध्या Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i5.07

Keywords:

वृक्ष प्रजातियाँ, पारंपरिक ज्ञान, भोजन और औषधि, गोंड और मवासी, पंचमढ़ी बायोस्फीयर अभयारण्य।

Abstract

भारत के प्रमुख राज्य मध्य प्रदेश में स्थित पंचमढ़ी जीवमंडल अभ्यारण्य बहुत सघन वनों से घिरा हुआ है। यहाँ पर विभिन्न आदिवासी समुदाय निवास करते हैं। वो यहाँ पर वृक्षों की अनेक प्रजातियों पर आज भी निर्भर हैं। इन वृक्षों की सुलभता व प्रचुरता उनके पारंपरिक ज्ञान को बढ़ाने में बहुत सहायता प्रदान करती हैं।

यह शोधपत्र इस अभ्यारण्य में उत्पन्न होने वाली विभिन्न वृक्षों की प्रजातियों के उपयोग के संबंध में आदिवासी जातियों के पारंपरिक ज्ञान को प्रकाश में लाता है। यह शोधपत्र साक्षात्कार तथा प्रश्नावली के माध्यम से तैयार किया गया है। इस अध्ययन में यहाँ के लोगों द्वारा भोजन, औषधि और अन्य उपयोग में लायी जाने वाली वृक्षों की कुल 46% प्रजातियों को सम्मिलित किया जाता है। इन 46% वृक्ष प्रजातियों में से 91% का उपयोग भोजन और औषधि में किया जाता है। 26% का उपयोग विभिन्न सांस्कृतिक प्रथाओं को करने में, 22% का उपयोग ईंधन की लकड़ी के लिए, और 17% का उपयोग मकान निर्माण के लिए किया जाता है।

स्थानीय लोगों द्वारा जंगलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित किए गए महत्वपूर्ण वृक्ष और उनके भाग है मोधुका इंडिका, बुचानिया लैंजन, डायोस्पायरोस मेलानोजाइलन, सिजियम क्यूमिनी, टर्मिनेलिया चेबुला, टर्मिनेलिया बेलरिका, टेमरिंडस इंडिका।

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Published

2026-09-12

How to Cite

मध्यप्रदेश के पंचमढ़ी जैव अभ्यारण्य में स्थानीय लोगों द्वारा वृक्षों का उपयोग. (2026). THE PARADIGM CHRONICLE JOURNAL OF ACADEMIC INQUIRY & CRITICAL THOUGHT, 1(5), 55-62. https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i5.07