जातिवाद के संदर्भ में सशक्तिकरण : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Authors

  • डॉ. अमित कुमार दास सहायक प्राध्यापक, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, भागलपुर Author

DOI:

https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i5.33

Keywords:

सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक असमानता ।

Abstract

भारतीय समाज की संरचना ऐतिहासिक रूप से विविध सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक समूहों से निर्मित रही है। इस सामाजिक संरचना में जाति व्यवस्था का विशेष स्थान रहा है। जाति ने लंबे समय तक व्यक्ति की सामाजिक पहचान, पारिवारिक संबंध, विवाह, व्यवसाय, सामाजिक प्रतिष्ठा तथा संसाधनों तक पहुँच को प्रभावित किया है। जाति व्यवस्था के कुछ पारंपरिक रूपों ने सामाजिक संगठन को संरचना प्रदान की, किंतु जाति-आधारित ऊँच-नीच, अस्पृश्यता, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता ने समाज के अनेक वर्गों के विकास को बाधित किया।

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Published

2026-09-29

How to Cite

जातिवाद के संदर्भ में सशक्तिकरण : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन. (2026). THE PARADIGM CHRONICLE JOURNAL OF ACADEMIC INQUIRY & CRITICAL THOUGHT, 1(5), 292-298. https://doi.org/10.64880/pcjaict.v1i5.33